+91 96908 08987 [email protected]
Praxol Jekkuk
Praxol Jekkuk
गीत संरचना शिक्षा
भारतीय संगीत इतिहास

वो राग जो पहले नकारे गए: भारतीय शास्त्रीय संगीत की अनसुनी कहानियाँ

घराना परंपरा की असफलताओं में छुपे सबक

वो राग जो पहले नकारे गए: भारतीय शास्त्रीय संगीत की अनसुनी कहानियाँ

किराना घराने के उस्ताद अब्दुल करीम खाँ को शुरुआती दौर में गंभीर संगीतज्ञ नहीं माना जाता था। उनकी गायकी को कुछ दरबारी संगीतकार हल्का कहते थे। फिर भी उन्होंने अपनी शैली नहीं छोड़ी।

यह अस्वीकृति उन्होंने कैसे झेली?

उन्होंने छोटे मंचों पर गाना जारी रखा। उन्होंने शिष्यों को पढ़ाया, खुद सीखते रहे। कोई नाटकीय मोड़ नहीं आया — बस निरंतरता रही।

  • 20 साल बाद उनकी शैली को मान्यता मिली।
  • उनके शिष्यों ने पूरे उत्तर भारत में उस गायकी को फैलाया।
  • आज किराना घराना भारतीय संगीत की सबसे सम्मानित परंपराओं में गिना जाता है।

माता-पिता के लिए यहाँ एक व्यावहारिक बात है — जब किसी परीक्षक ने बच्चे को कम अंक दिए, या शिक्षक ने कहा कि इसमें प्रतिभा नहीं है, तो क्या वो अंतिम निर्णय है? इतिहास कहता है — नहीं।

लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हर आलोचना गलत है। असली काम यह समझना है कि आलोचना किस बात की है — तकनीक की, या अलग होने की।

विषय: भारतीय संगीत इतिहास