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Praxol Jekkuk
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संगीत इतिहास

स्ट्राविंस्की की वो रात जब दर्शकों ने हूटिंग की: 5 बातें जो माता-पिता समझें

पश्चिमी संगीत के सबसे बड़े विवाद से माता-पिता के लिए सबक

स्ट्राविंस्की की वो रात जब दर्शकों ने हूटिंग की: 5 बातें जो माता-पिता समझें

29 मई 1913 को पेरिस के थिएटर डेस शान्ज़-एलिज़े में स्ट्राविंस्की का बैले प्रीमियर हुआ। दर्शकों ने इतना शोर मचाया कि संगीत सुनाई देना बंद हो गया। अखबारों ने इसे विफलता घोषित किया।

उस रात के बाद क्या हुआ

  • स्ट्राविंस्की ने रचना नहीं बदली। उन्होंने माना कि दर्शक अभी तैयार नहीं थे।
  • दो साल बाद वही रचना खड़े होकर सराही गई। वही दर्शक, वही शहर।
  • आलोचकों ने बाद में लिखा कि वो गलत थे। यह स्वीकृति दुर्लभ है लेकिन हुई।
  • स्ट्राविंस्की ने उस विफलता को अपनी डायरी में दर्ज किया। उन्होंने उसे छुपाया नहीं।
  • उन्होंने शिष्यों को बताया कि पहली प्रतिक्रिया अंतिम नहीं होती।

बच्चों के संगीत कार्यक्रमों में जब कोई गलती होती है और वो शर्मिंदा होकर आता है, तो उस क्षण में माता-पिता क्या कहते हैं — यही उनकी संगीत यात्रा तय करता है।

स्ट्राविंस्की की कहानी यह नहीं कहती कि हर असफलता छुपी सफलता है। वो यह कहती है कि एक रात का फैसला पूरी जिंदगी नहीं होता।

विषय: संगीत इतिहास